सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फेसबुक

फेसबुक !
     विचारों का अड्डा .
     सन्त , ज्ञानियों का ..
      राजनीती , चमचों का ..
     दुकानदारों का ...
     प्रेम , धोखे का .
    धर्म , कट्टरता का ..
    अड्डा आशिकों का ...
    फ़रेब का , टाइम पास का ..
    कवियों का , लेखकों का ..
     सलाहकारों का ..
    गुंडों , मुस्टंडों का ...
    नक़ाब , असत्य का ..
     झूठ , तारीफों का ..
   ना जाने किस किस का ..?
      अड्डा है भाई ..

धन्य हो जुकरबर्ग...
      यहाँ लोग मुखौटो लिए घूमते हैं ..
       तुम ने एक मुखौटा और दिया ..।
    
माणिक्य बहुगुना / पंकज / चंद्र प्रकाश
  

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वर्ण पिरामिड

तू मुझे जग से प्यारा ही है ना छोड़ के जा मेरी पूजा भी तू माँ जमीं में देवता ।। मैं बिन तेरे हूँ अधूरा सा गम में मारा लगता क्यों सारा बनता हूँ .....बेचारा ।। चंद्रप्रकाश बहुगुणा /म...

होली

अगली होली आप लोगों के साथ हो , इसी लिए दूर हूँ । सब को शुभकामनायें , बधाई रंगोत्सव की ... जीवन रंगमय हो सब का , रंग बसन्त सा हो सब का , कुछ हालात हैं हम दूर हैं . वरना पास आ जाता कब का ।    ...

।। मैं और मेरा भोला पन ।।

लोग चांद तक पहुंच गये .....       मैं बचपन के खिलौनों से खेलता हूं....                              लोग इतने चालाक हो गये कि मत पूछ चन्दर  ....                  मैं अभी भी हालातों के उख...