डान कानन घाम आ गो ...
उठ जा हो परुली ...
बिस्तरमें चहा ल्या रई ...
उठ जा हो परुली ...
चंद्र प्रकाश बहुगुना/माणिक्य / पंकज
मैं टापर हूँ बिहार का ..। देश का भविष्य हूँ । चाणक्य हूँ मैं । मैं ही बूद्ध हूँ । नये ज्ञान का सृजन हूँ मैं ..। मैं ही ज्ञान -विज्ञान हूँ । टापर हूँ मैं । माणिक्य बहुगुना
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