डान कानन घाम आ गो ...
उठ जा हो परुली ...
बिस्तरमें चहा ल्या रई ...
उठ जा हो परुली ...
चंद्र प्रकाश बहुगुना/माणिक्य / पंकज
तू मुझे जग से प्यारा ही है ना छोड़ के जा मेरी पूजा भी तू माँ जमीं में देवता ।। मैं बिन तेरे हूँ अधूरा सा गम में मारा लगता क्यों सारा बनता हूँ .....बेचारा ।। चंद्रप्रकाश बहुगुणा /म...
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