फाल्गुन में यह मधुमास आया ..
संग खुसी, होली , वसन्त संग लाया ...
प्रेमी निमग्न हैं प्रेम में मदन संग ..
बिरही मन यादों को संग लाया ।
तू मुझे जग से प्यारा ही है ना छोड़ के जा मेरी पूजा भी तू माँ जमीं में देवता ।। मैं बिन तेरे हूँ अधूरा सा गम में मारा लगता क्यों सारा बनता हूँ .....बेचारा ।। चंद्रप्रकाश बहुगुणा /म...
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