अच्छे मित्र शक्ल से या पैसे से नहीं तोले जाते हैं ....
वो कोई बाज़ार नहीं जहाँ अच्छे मित्र ख़रीदे जाते हैं ,
ये तो रब की दुआ है हम पर ऐ दोस्त ...
जो आप जैसे दोस्त बन जाते हैं ।।
माणिक्य बहुगुना
मैं टापर हूँ बिहार का ..। देश का भविष्य हूँ । चाणक्य हूँ मैं । मैं ही बूद्ध हूँ । नये ज्ञान का सृजन हूँ मैं ..। मैं ही ज्ञान -विज्ञान हूँ । टापर हूँ मैं । माणिक्य बहुगुना
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