तू मुझे अपने प्यार में इतना मजबूर ना कर ...,
मैं तुझ से दूर हो जाऊ ऐसी बात ना कर ...,
मैं तुझ से ही ना मिल पाऊ ...,
क़िस्मत मुझे इतना मशहूर ना कर ।।
चंद्र प्रकाश बहुगुना / माणिक्य / पंकज
मैं टापर हूँ बिहार का ..। देश का भविष्य हूँ । चाणक्य हूँ मैं । मैं ही बूद्ध हूँ । नये ज्ञान का सृजन हूँ मैं ..। मैं ही ज्ञान -विज्ञान हूँ । टापर हूँ मैं । माणिक्य बहुगुना
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