सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शायरी -2

तुम ना आए मिलने ,
        मिलन को आँखें तरस गई ।
मेरी मजबूरी,लाचारी देख ,
      गगन की आँखें बरस गई ।।

टिप्पणियाँ