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प्यार

प्यार के दो बोल बोलना सरल हैं जैसे ---
I Love you ...
लेकिन इसे निभाना बहुत कठिन है ।
बोलने को तो आप किसी से भी बोल दो वो चाहे उस के गुणों से प्रभावित होकर या उस के व्यवहार से या उसकी सुंदरता के आप कायल हो ।
लेकिन आप उस के बुरा वक्त में साथ दोगे मुझे नहीं लगता है , क्योंकि आप किसी विशेष उद्देश्य से उस को चाहते हो ...
वह चाहे शाररिक तृप्ति ही क्यों ना हो या नयनों का सुख जो भी हो लेकिन जब वो पूरा हो जाता है तो आप का मन भर जाता है ।

चंद्रप्रकाशबहुगुना /पंकज /माणिक्य

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